अंक नवम्बर 2016
नोटबंदी और आमजन की परेशानी 8 नवम्बर को माननीय प्रधानमंत्री ने देश के इतिहास का एक ऐतिहासिक फैसला लिया, जिसनें उन्होंने पाँच सौ और एक हज़ार रूपये मुद्रा के नोटों को एकाएक बंद कर दिया। जमाख़ोरी और कालाधन कम करने के लिए इस तरह का फ़ैसला बहुत ज़रूरी था। देश भर में अधिकतर लोगों को उम्मीद थी कि इस क़दम के सकारात्मक नतीजे सामने आएँगे। परिवर्तन की आस लगाए बैठी भारतीय जनता ने इस फ़ैसले को हाथों-हाथ लिया और इस क़दम से हुई परेशानी को ....
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