अंक नवम्बर 2014
 मेरे विद्यालय में आज जिस युवक का आगमन हुआ, उसका नाम 'प्रभात कौशिक' है। बातों के दरमयान पता चला कि वर्तमान में मैं जिस विद्यालय में पदस्थ हूँ, वह वहीँ का भूतपूर्व छात्र रह चुका है।आज वह एक सफल अभियंता पद पर कार्यरत है। उससे मिलकर आज सारा विद्यालय गौरवान्वित महसूस कर रहा था। और हो भी क्यों न....छोटे स्तर से पनपी बड़ी उपलब्धियाँ सदैव गर्व की सीमा से परे होती ही हैं। आप कहीं यह तो नहीं सोच रहे हैं कि हमें इन बातों से क्या सरोकार। तो आप सही भी हैं जनाब! दूसरों ....
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