ज्ञान मंजरी रचना
सामान्य ज्ञान अगस्त 2014 :भौतिक विज्ञान
  • न्यूटन का गुरुत्वाकर्षण का नियम : किन्ही दो पिंडों के बीच कार्य करने वाला आकर्षण बल पिंडों के द्रव्यमान के गुणनफल के अनुक्रमानुपाती तथा उनके बीच की दूरी के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती होता है | इस में प्रयुक्त स्थिरांक G सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण नियतांक कहलाता है | इसका मान 6.67 X 10-11 न्यूटन मीटर 2 प्रति किलोग्राम 2 होता है |
  • गुरुत्व वह आकर्षण बल है जिससे पृथ्वी किसी वास्तु को अपने केंद्र की और खींचती है | इस बल के कारण त्वरण उत्पन्न होता है | इसे गुरुत्व जनित त्वरण (g) कहते हैं जिसका मन 9.8 m/s2 होता है |
  • गुरुत्वीय त्वरण वस्तु के रूप, आकार, द्रव्यमान आदि पर निर्भर नहीं करता है |
  • गुरुत्वीय त्वरण के मान में परिवर्तन -
    1. पृथ्वी को सतह से ऊपर या नीचे जाने पर गुरुत्वीय त्वरण का मान घटता है
    2. g का मान पृथ्वी के ध्रुवों पर सर्वाधिक होता है |
    3 गुरुत्वीय त्वरण का मान न्यूनतम विषुवत रेखा पर होता है |
    4. पृथ्वी को घूर्णन गति बढ़ने पर गुरुत्वीय त्वरण का मान कम हो जाता है |
  • यदि पृथ्वी वर्तमान घूर्णन से 17 गुनी अधिक चाल से घूमने लगे तो भूमध्य रेखा पर रखी वास्तु का भार शून्य हो जायेगा |

लेखक परिचय :
मोहम्मद इमरान खान
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