स्वचालित कार का भविष्य

मानव सभ्यता को नया आयाम देने में विज्ञान ने बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है | इन खोजों में आग, पहिया व विद्युत् का बहुत बड़ा योगदान है | पहिये की खोज ने इन्सान के आवागमन को बहुत तेज व आरादायक बना दिया है बल्कि अगर यूं कहे कि पहिये के माध्यम से व्यक्ति दूसरे जीव-जंतुओं या ऊर्जा श्रोतों का प्रयोग कर अपनी स्वयं की गति बढ़ा लेता है | दैनिक जीवन में ऐसा हम आसानी देख सकते है चाहे वह तांगा हो या मरसीडीज कार हो |इंसान ने पहिये की सवारी क्या की उसने रुकने का नाम ही नहीं लिया अब तक एक से बढ़कर एक वाहन बनाये | साथ ही गति के नए नए नए रिकॉर्ड बनाये | इसी के साथ तकनीक के दुष्प्रभाव भी सामने आये जैसे सड़क दुर्घटनाये, प्राकृतिक ऊर्जा श्रोतों पर बढ़ता दबाव, कार्बन उत्सर्जन में वृद्धि आदि |

गूगल स्वचालित कार :

आज हम बात कर रहे हैं परिवहन के क्षेत्र में नवीनतम तकनीक स्वचालित कार या चालक रहित कार के बारे में | दरअसल इन्सान की महत्वाकांक्षाएं कभी पूर्ण नहीं होती है | शानदार कारें हमें परिवहन के नए आयाम की हद तक नहीं पहुंचाती बल्कि मानव जीवन को और आरामदायक व सुरक्षित बनाने की और प्रेरित करती हैं | गूगल की स्वचालित कार इस दिशा में उठाया गया बड़ा कदम है | यह कार बिना किसी ड्राईवर के सवारी को इच्छित स्थान तक पहुंचाती है उसी तरह जिस प्रकार एक कुशल ड्राईवर पहुंचाता है बल्कि कई मायनों में उससे भी बेहतर तरीके से | गूगल 2017 से  2020 तक स्वचालित कार को सार्वजनिक रूप से उबलब्ध कराने लगेगा | अभी परिक्षण के तौर पर नेवाडा में  2012 में चालक रहित कार को लाइसेंस प्रदान किया गया है | गूगल ने 28 मई 2014 को स्वचालित कार का नया प्रोटोटाइप प्रस्तुत किया जिसमे न तो स्टीयरिंग व्हील है न ही पेडल्स (क्लिच ब्रेक आदि ) 

कैसे काम करती है गूगल स्वचालित कार :

गूगल स्वचालित कार में LiDAR(Light Ditection and Ranging) नामक उपकरण लगाया गया है | यह उपकरण लेज़र बीम का प्रयोग कर अपने चारों और त्रि-आयामी नक्शा तैयार करता है | साथ ही गूगल मैप से इस मैप की तुलना करता है | कार में फिट यन्त्र ट्रैफिक लाइट पहचान कर कार चलने सम्बंधित निर्णय लेता है | LiDAR से प्राप्त आंकड़ों के माध्यम से कार अपने वाहन व्यक्ति व वस्तुओं से नहीं टकराती है | अप्रैल 2014 तक गूगल स्वचालित कार ने 11 लाख किलोमीटर की परिक्षण दूरी तय कर ली थी |

अभी मंजिल दूर है -

अभी तक गूगल स्वचालित कार तेज बारिश व बर्फ से दबी सड़कों पर ठीक से प्रदर्शन नहीं कर सकी है | साथ ही चौराहों पर कार बेहद धीमी गति से चलती है क्योंकि चौराहों पर कार के निर्णय दुर्घटनाओं से बचने के लिए बेहद सटीकता से लिए जाते है | साथ ही कार यातायात पुलिस कर्मी व अन्य व्यक्ति में पहचान नहीं कर सकती है  अर्थात पुलिस कर्मी यदि कार को रुकने का संकेत करे तो कार ऐसा नहीं करती है | अस्थायी पुलिस सिग्नलों को पहचानने में भी सक्षम नहीं है | गूगल 2020 तक इन समस्याओं का समाधान करने की दिशा में कार्यरत है | तो चलो कुछ दिन कार चलाने का लुत्फ़ उठाते है शायद भविष्य में कार में स्टीयरिंग व्हील ही न रहे और हमारा काम सिर्फ सीट पर बैठ कर मंजिल तक जाने का रह जाये !


लेखक परिचय :
मोहम्मद इमरान खान
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