ज्ञान मंजरी रचना
इन्द्रधनुष

वर्षा के समय या वर्षा के बाद यदि प्रेक्षक की पीठ सूर्य की ओर हो, तो कभी-कभी सूर्य की विपरीत दिशा में चाप (Arc) के भांति सौर-स्पेक्ट्रम दिखाई देता है, इसे इन्द्रधनुष कहते हैं। कभी-कभी दो इन्द्रधनुष दिखाई देते हैं ―
(1) प्राथमिक इन्द्रधनुष और (2) द्वितीयक इन्द्रधनुष।

  • प्राथमिक इन्द्रधनुष में लाल रंग बाह्य किनारे पर, बैंगनी रंग आन्तरिक किनारे पर होता है जबकि द्वितीयक इन्द्रधनुष में बैंगनी रंग बाह्य किनारे पर तथा लाल रंग आन्तरिक किनारे पर होता है।
  • प्राथमिक इन्द्रधनुष के लाल और बैंगनी क्षैतिज से क्रमशः 42° और 40° का कोण बनाते हैं। इस प्रकार प्राथमिक इन्द्रधनुष की कोणीय चौड़ाई 2° होती है। यह अपेक्षाकृत चमकीला होता है।
  • द्वितीयक इन्द्रधनुष के बैंगनी तथा लाल चाप क्षैतिज से क्रमशः 55° और 52° का कोण बनाते हैं। इस प्रकार द्वितीयक इन्द्रधनुष की कोणीय चौड़ाई 3° होती है। यह इन्द्रधनुष फीका होता है।
  • प्राथमिक इन्द्रधनुष का निर्माण जल की बूँदों द्वारा सूर्य की किरणों के दो अपवर्तन तथा एक पूर्ण आन्तरिक परावर्तन के कारण होता है, जबकि द्वितीयक इन्द्रधनुष का निर्माण जल की बूँदों द्वारा सूर्य की किरणों के दो अपवर्तन तथा दो पूर्ण आन्तरिक परावर्तन के कारण होता है।

इन्द्रधनुष से सम्बन्धित महत्वपूर्ण तथ्य :―

(1) इन्द्रधनुष के निर्माण हेतु आवश्यक शर्तें हैं ―
(अ) सूर्य प्रेक्षक के पीठ की ओर हो,
(ब) वर्षा के बाद आकाश साफ हो, सूर्य प्रकाश चमकीला हो तथा सूर्य के विपरीत ओर बादल हो।

(2) मध्याह्न में इन्द्रधनुष दिखाई नहीं देता, क्योंकि उस समय सूर्य प्रेक्षक के पीठ की ओर नहीं होता।

(3) द्वितीयक इन्द्रधनुष में प्रकाश का दो बार अपवर्तन तथा दो बार पूर्ण आन्तरिक परावर्तन होता है, जबकि प्राथमिक इन्द्रधनुष में प्रकाश का दो बार अपवर्तन एवं एक बार पूर्ण आन्तरिक परावर्तन होता है। इस प्रकार द्वितीयक इन्द्रधनुष बनते समय प्रकाश का अधिक अवशोषण होता है। अतः वह फीका होता है।

(4) प्राथमिक इन्द्रधनुष का निर्माण उस समय होता है, जब प्रकाश की किरणें जल बूँदों के केंद्र के ऊपर आपतित होती हैं तथा द्वितीयक इन्द्रधनुष का निर्माण उस समय होता है, जब प्रकाश की किरणें जल बूँदों के केंद्र के नीचे आपतित होती हैं। अतः द्वितीयक इन्द्रधनुष में रंगों का क्रम प्राथमिक इन्द्रधनुष की तुलना में विपरीत होता है।


लेखक परिचय :
संपादक
फो.नं. --
ई-मेल - idea.nasreen06@gmail.com
इस अंक में ...