ज्ञान मंजरी रचना
गिलास में खौलता पानी

काँच के गिलास को पानी से दो तिहाई भर लीजिये। अब उसे रुमाल से ढक कर रुमाल का बाकी हिस्सा गिलास पर लपेट दीजिये और उसे एक हाथ से पकड़ लीजिये। रुमाल को इस तरह गिलास पर लपेटना और हाथ से पकड़ना चाहिए कि गिलास को उलट देने पर पानी इधर-उधर से निकल न सके। अब एक अंगुली से रुमाल को अन्दर की ओर दबाइये जिससे एक गड्डा बन जाये। अब गिलास को उलट लीजिए और देखने वालों से कहिये कि जैसे ही आप गिलास को अपनी अंगुली से छुयेंगे वैसे ही गिलास के भीतर का पानी खौलने लगेगा। गिलास को उलटने के बाद आप उसके पैंदे पर अपनी अंगुली रख कर कहें- पानी! खौलना शुरू हो जा।सब देखकर दंग जायेंगे कि पानी में हरकत होने लगेगी और बुलबुले छूटने लगेंगे ऐसा लगेगा मानों पानी खौल रहा है। इसकी वजह यह है कि जब आप गिलास को उलटेंगे तो पानी के दबाव से रुमाल थोड़ा सा निकल आयेगा और गिलास में कुछ जगह खाली रह जायेगी। गिलास के इस खाली हिस्से को भरने के लिये जब हवा रुमाल के भीतर से उसमें प्रवेश करेगी तो उसे पानी के ऊपर पहुँचने के लिए पानी में से होकर गुजरना पड़ेगा। इससे पानी में हरकत होगी और बुलबुले छूटने लगेंगे। देखने वालों को ऐसा लगेगा मानों पानी खौल रहा है।

जरुरी सामान:- शीशे के एक गिलास और रुमाल से ही यह खेल दिखाया जा सकता है।


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