ज्ञान मंजरी रचना
मक्खियों का जीवन चक्र

मक्खी एक बिन बुलाई मेहमान है। जून महीने में जब बरसात की शुरुआत होती है तब मक्खी हमारे घरों और उसके आसपास दिखाई देने लगती है। मक्खी का जीवन चक्र चार अवस्थाओं, अंडा, लार्वा, प्यूपा और व्यस्क से होकर गुजरता है। एक वयस्क मक्खी एक बार में लगभग 500 अंडे देती है। पर्याप्त नमी और गर्म मौसम में ये अंडे 8-20 घंटे में लार्वा में बदल जाते हैं। लार्वा 4 से 10 दिन में प्यूपा में और प्यूपा 6 से 10 दिन में वयस्क मक्खी में बदल जाता है।

मक्खी का जीवन काल 15 से 30 दिन का होता है। इस प्रकार हम देखते हैं कि मक्खियाँ लगभग 20 दिन में वयस्क होकर एक बार में लगभग 500 अंडे देती हैं। यदि हर बार अण्डों में से आधी मादा मक्खियाँ हों तो चार महीनों में इनकी संख्या क्या होगी?

आओ गणना करें।

15 जून को 1 मक्खी द्वारा दिए अण्डों की संख्या - 500

इनमें से उत्पन्न मादा मक्खियों की संख्या - 250

अतः 20 दिन बाद यानि 5 जुलाई को 250 मक्खियाँ अंडे देंगी और अण्डों की संख्या 250 × 500 = 125000

इनसे उत्पन्न मादा मक्खियों की संख्या = 62500

इसी प्रकार 25 जुलाई को 62500 मक्खियाँ अंडे देंगी और अण्डों की संख्या होगी - 62500 × 500 = 31250000

इनके उत्पन्न मादा मक्खियों की संख्या = 15625000

14 अगस्त को 15625000 मक्खियाँ अंडे देंगी और अण्डों की संख्या होगी -

15625000 × 500 = 7812500000

यह तो केवल एक मक्खी से हुई शुरुआत के दो माह बाद की स्थिति है। यदि मक्खियाँ नहीं मरती और अन्य मक्खियाँ भी अंडे देतीं तो वह संख्या कितनी अधिक होती? क्या इसकी कल्पना कर सकते हैं ?


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