राष्ट्रपति अब्दुल कलाम साहब के प्रेरक विचार
इस अंक में पढ़िए भारत क पूर्व राष्ट्रपति ए.पी.जे. अब्दुल कलाम के प्रेरक विचार | आपने बेहद साधारण परिवार से अपने जीवन की शुरुआत कर उच्चतम सफलताओं को प्राप्त किया अपनी मेहनत के बल पर | आप युवा वर्ग के लिए एक बड़े प्रेरणा श्रोत हैं -

 शिखर तक पहुँचने के लिए ताकत चाहिए होती है, चाहे वो माउन्ट एवरेस्ट का शिखर हो या आपके पेशे का.

 क्या हम यह नहीं जानते कि आत्म सम्मान आत्म निर्भरता के साथ आता है ?

 कृत्रिम सुख की बजाये ठोस उपलब्धियों के पीछे समर्पित रहिये.

 अंग्रेजी आवश्यक है क्योंकि वर्तमान में विज्ञान के मूल काम अंग्रेजी में हैं. मेरा विश्वास है कि अगले दो दशक में विज्ञान के मूल काम हमारी भाषाओँ में आने शुरू हो जायेंगे, तब हम जापानियों की तरह आगे बढ़ सकेंगे.

 भगवान, हमारे निर्माता ने हमारे मष्तिष्क और व्यक्तित्व में  असीमित शक्तियां और क्षमताएं दी हैं. इश्वर की प्रार्थना हमें इन शक्तियों को विकसित करने में मदद करती है.

 मैं हमेशा इस बात को स्वीकार करने के लिए तैयार था कि मैं कुछ चीजें नहीं बदल सकता.

 महान सपने देखने वालों के महान सपने हमेशा पूरे होते हैं.

 अगर किसी देश को भ्रष्टाचार – मुक्त और सुन्दर-मन वाले लोगों का देश बनाना है तो , मेरा दृढ़तापूर्वक  मानना  है कि समाज के तीन प्रमुख सदस्य ये कर सकते हैं. पिता, माता और गुरु.

 यदि हम स्वतंत्र नहीं हैं तो कोई भी हमारा आदर नहीं करेगा.

 भारत में हम बस मौत, बीमारी , आतंकवाद और अपराध के बारे में पढ़ते हैं.


लेखक परिचय :
मोहम्मद इमरान खान
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