किताबें कुछ कहना चाहती हैं

किताबों में चिड़िया चहचहाती है,
किताबों में खेतियां लहलहाती हैं ।

किताबों में झरने गुनगुनाते हैं, 
परियों के किस्से सुनाते हैं।

किताबों में रॉकेट का राज है, 
किताबों में साइंस की आवाज है ।

किताबों का कितना बड़ा संसार है,
किताबों में ज्ञान की भरमार है ।

क्या तुम इस संसार में नहीं जाना चाहोगे?

किताबें कुछ कहना चाहती हैं,
तुम्हारे पास रहना चाहती हैं  ।

- सफदर हाशमी


लेखक परिचय :
संपादक
फो.नं. --
ई-मेल - idea.nasreen06@gmail.com
इस अंक में ...