तुम्हारे हिस्से का

एक दिन ऐसा भी आएगा,
जो तुम्हारे हिस्से में होगा।
हँसने दो उन्हें आज,
जो सताते हैं तुम्हें,
क्योंकि झूठा है, उनका विशवास।
कहीं न कहीं तुम्हारी भी आएगी,
वो हँसी जो तुमसे छीनी गयी है।
एक दिन ऐसा भी आएगा,
जब हँसना, खुशियाँ मनाना, तुम्हारा होगा।
झूठ की खुशियाँ कभी टिकती नहीं है,
क्योंकि ईश्वर को सभी कर्म दिखते हैं।
भला करेगा ईश्वर तो तुम्हारा भी होगा,
वो पल जो तुम्हारे हिस्से का रहा होगा।


लेखक परिचय :
मीना राजवाड़े
फो.नं. -
ई-मेल - annulal_rajwade@rediffmail.com
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