नव भारत निर्माण करो
देशभक्ति की अलख जगाने आया हूँ
मानव -मात्र की आत्मा झिंझोड़ने आया हूँ |
है हिम्मत तो रोक मुझे
विषमता का भेद मिटाने आया हूँ |
उठो भारत के वीर सपूतों
नव भारत निर्माण करो |
दुश्मन को उसके घर में मार
भारत का रौशन नाम करो |
उठो शहीदों की विधवाएं
खा कर कटे सर की सौगंध |
आमरण अनशन नहीं
अब भीषण रण होगा |
हत्यारों का नर-मुंड प्रांगन में अथवा
नेताओं का सर कलम होगा |
देख गरीबों पे जुल्म -अत्याचार
देश में बढ़ता भ्रष्टाचार |
आतंकवाद का होता विस्तार
नक्सलवाद का डसता अंधकार |
कर रही भारत माता पुकार |
उठो भारत के युवा शेरों
पुनः स्वदेश निर्माण करो |
प्रेमिका के प्रीत से बाहर आ
वतन से थोडा प्यार करो |
गद्दारों के शीश काट
शमशीर की धार तेज करो |
अधिकार मिलते नहीं लिए जाते हैं
आज़ाद हैं मगर गुलामी किये जाते हैं |
शीश नवाते आये हैं अब शीश कटाने जाते हैं
माता के खातिर कुर्बानी देने जाते हैं |
उठो भारत के युवा शेरों
पुनः स्वदेश निर्माण करो
जन-जन के जीवन में
खुशियों का संचार करो
नव-युग की नूतन वीणा में
नया राग नव गान भरो
