बेटी
बेटी
मेरी भी जमी है , है मेरा आसमा ,
मुझे भी जीने का अधिकार चाहिए
माँ-पापा आप दोनों का थोड़ा सा प्यार चाहिए ।
न तोड़िए मुझे मैं नाजुक सी गुड़िया हूँ,
मुझे भी माँ के आँचल से लिपटने का अधिकार चाहिए
माँ-पापा आप दोनों का थोड़ा सा प्यार चाहिए ।
बेटी हूँ तो क्या , बेटे से कम नही
तेरे साये में हूँ तो कोई भी गम नहीं
न छोड़ो मुझे , इस अंधेरे में अकेला
मुझे भी , उजालों का संसार चाहिए
माँ-पापा आप दोनों का थोड़ा सा प्यार चाहिए ।
न धन – न दौलत , पर मुझे अधिकार चाहिए
मैं अंश हूँ आप दोनों के अंग का
मुझे ममता के साये में रहने का अधिकार चाहिए
माँ-पापा आप दोनों का थोड़ा सा प्यार चाहिए ।
न छोड़िए अकेला मुरझा जाऊँगी मैं
फूल हूँ , मुझे भी महकने का अधिकार चाहिए
माँ-पापा आप दोनों का थोड़ा सा प्यार चाहिए ।
