ISSN 2350-1014
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अंक जून-जुलाई 2015 संयुक्त अंक

'जनता के राष्ट्रपति' और महान वैज्ञानिक डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम अब हमारे बीच नहीं हैं। पिछले दिनों एक शैक्षणिक संस्थान में व्याख्यान देते समय उनके सीने में अचानक दर्द हुआ और वे संसार छोड़ गये। सीने में दर्द उठने और बेसुध हो; गिरने से पहले उनके आख़िरी शब्द थे "धरती को जीने लायक कैसे बनाया जाये?" उनके ये अंतिम शब्द हमारे लिये कई प्रश्न छोड़ गये हैं। अपनी पूरी उम्र देश और मानवता की भलाई को समर्पित कर चुके इस शांतिदूत के अंतिम शब्द इस बात का ....