ISSN 2350-1014

आप डूबे तो जग डूबा

एक आदमी नदी में स्नान करते-करते गहरे उतर गया। वह तैरना नहीं जानता था, अत: पानी में डूबने लगा। चिल्लाया, ‘‘अरे, मुझे निकालो, नहीं तो जग डूबा।’’ पुकार सुनकर एक तैराक आगे बढ़ा और उसे बचा लाया। डूबनेवाले के होश में आने पर लोगों ने उससे पूछा, ‘‘तुम जो चिल्ला रहे थे कि ‘मुझे निकालो, नहीं तो जग डूबा’ इसका क्या मतलब था ?

तुम्हारे एक के डूबने से जग कैसे डूब जाता ? उसने जवाब दिया, ‘‘दोस्तो, सोचिए, मैं डूब जाता तो मेरे लिए तो सब जग डूब गया था न ?’’ कहा गया है कि ‘आप डूबा तो जग डूबा।’

इस कहावत का दूसरा प्रचलित रूप-
‘आप मुए तो जग मुआ।’
‘आप मुरदा जहान मुरदा।


लेखक परिचय :
मोहम्मद इमरान खान
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