ज्ञान मंजरी अपने स्थायी स्तम्भ 'आलेख' के माध्यम से प्रत्येक माह विषयवार लेखों द्वारा सामान्य जानकारियों को सम्मिलित करता है। विषयों को रोचक ढंग से प्रस्तुत करने के पीछे हमारी मनसा पाठकों को उक्त विषय सम्बंधित जानकारी देना व प्रतियोगी परीक्षाओं में सहायता प्रदान करना है। इस सन्दर्भ में हम उन पाठकों को भी आमंत्रित करते हैं, जो विषय सम्बन्धित लेखनी में रूचि रखते हैं। पाठकों से आग्रह है कि वे अपने लेखों व विचारों को हम तक पहुँचाने का प्रयत्न करें ताकि हमें उनका मार्गदर्शन प्राप्त हो सके।
1. वृक्षारोपण: जीवन का आधार
[ अगस्त 2018 | ममता देवी द्वारा लिखित ]
परिचय वृक्षारोपण का महत्त्व सदियों से मानव सभ्यता के विकास में रहा है। पेड़-पौधे हमारे जीवन का आधार हैं और पृथ्वी के पारिस्थितिकी तंत्र को संतुलित बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं। आज के दौर में बढ़ती जनसंख्या और शहरीकरण के चलते पेड़ों की कटाई तेजी से हो रही है, जिससे पर्यावरण पर प्रतिकूल .....
आगे पढ़ें ...2. विद्यालय / कार्यालय कार्य में कंप्यूटर की उपयोगिता
[ अगस्त 2018 | मोहम्मद इमरान खान द्वारा लिखित ]
कंप्यूटर हमारे जीवन का महत्वपूर्ण अंग बन चुका है आज किसी भी क्षेत्र में कंप्यूटर के बिना सफलता पूर्वक कार्य करना संभव नहीं है । एक समय था जब भारत में कंप्यूटर आया था तो लोगों में अलग अलग तरह की भ्रांतियाँ पैदा हो गई थीं लेकिन वर्तमान समय में कंप्यूटर ने हर क्षेत्र में हमारा काम .....
आगे पढ़ें ...3. अनुशासन की आवश्यकता
[ अगस्त 2018 | लक्ष्मी जैन द्वारा लिखित ]
संविधान ने जहाँ एक ओर हमें स्वतंत्रता प्रदान की है तो दूसरी ओर हमें कर्तव्यों के पालन के लिए प्रतिबद्ध किया है। स्वतंत्रता यदि सीमा से अधिक है, मर्यादाओं को लांघ रही है तो वह उच्श्रृंखलता का रूप ले लेगी। जीवन का कोई भी क्षेत्र चाहे वह सार्वजनिक हो या निजी, घर, परिवार , समाज सभी जगह अनुशासन की आवश्यकता .....
आगे पढ़ें ...4. लेख
[ नवम्बर 2016 | देवेन्द्रराज सुथार द्वारा लिखित ]
महंगी होती शादी धन और अन्न की बर्बादी: देवेन्द्रराज सुथार आजकल समाज में महंगी शादियों का फैशन-सा चल पडा है। इन भड़कीली व तड़क-भड़क वाली शादियों में जहाँ एक ओर बड़ी मात्रा में अन्न का दुरुपयोग हो रहा है तो वहीं दूसरी ओर धन बर्बादी के साथ बिजली को अंधाधुंध तरीके से फूंका .....
आगे पढ़ें ...5. लेख
[ नवम्बर 2016 | पंकज गुप्ता द्वारा लिखित ]
क्या आपके पास विंडोज 10 है...?? जी हाँ...। शायद आप में से बहुत से लोगों को नहीं पता होगा कि माइक्रोसॉफ्ट ने अपना लेटेस्ट ऑपरेटिंग सिस्टम विंडोज 10 लांच कर दिया है। आधिकारिक रूप से इसे 29 जुलाई, 2015 को लांच किया गया है। जैसा कि माइक्रोसॉफ्ट ने बताया है कि इसमें काफी कुछ बदलाव .....
आगे पढ़ें ...6. विखण्ड़ित होते कुटुम्ब परिवार
[ मई 2015 | अनिल कुमार पारा द्वारा लिखित ]
दोस्तों, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने कहा था कि ‘भारत गांवों में बसता है’ लेकिन यह कथन कहने तक सीमित रह गया है। जिसकी तस्वीर दूर की कल्पना से नजर नहीं आ सकती है। प्राचीन भारत से लेकर आधुनिक भारत के निर्माण तक भारत के गांवों की तस्वीर गांव की गलियों में ही मिल सकती है। आज भी भारत के .....
आगे पढ़ें ...7. अब तो सम्हल जा समय के मुशाफिर
[ अप्रैल 2015 | अनिल कुमार पारा द्वारा लिखित ]
हैं बेजुबां बहुत से मुशाफिर, जहां पैर रखकर तू जाता है काफिर, कदम को जमीं पर सम्हल के है रखना, जहां पैर रखकर तू जाता है काफिर, चींटी नहीं है बताने की आदी, ना ही है हल्ला मचाने की आदी, मगर बेजुवां के इसारों को समझो, कदम पर जमीं के सितारों को समझो, हे वेजुवां बहुत से मुशाफिर, कदम .....
आगे पढ़ें ...8. मध्यान्ह भोजन की थाली
[ अप्रैल 2015 | अनिल कुमार पारा द्वारा लिखित ]
दोस्तों अभी हाल ही में मध्यप्रदेश सरकार द्वारा आगामी वर्ष की शिक्षा नीति का खाका तैयार करने संबंधी खबरें जोर शोर से सोशल मीडिया एवं प्रिन्ट मीडिया पर छाईं रहीं, शिाक्षा के क्षेत्र में बेहतर परिणामों की चाह में सरकार नित नये फार्मूलों पर विचार कर रही है, जिनकी तारीफ करनी ही होगी। सोशल मीडिया .....
आगे पढ़ें ...9. विदेशी निवेश और गरीबी के आंकडों की बाजीगरी
[ अप्रैल 2015 | अनिल कुमार पारा द्वारा लिखित ]
दोस्तों आज के भारत ने विश्व के पटल पर जो अपनी पहचान बनाई है, उसे देखकर हर भारत वासी का सीना गर्व से चौड़ा हो जाता है। और यह सोचने को मजबूर भी हो जाता है कि भारत जैसे विकासील देश ने विश्व पट्ल पर अपना झण्डा स्थापित तो कर दिया है, पर भारत को अपनी गरीबी मिटाने में अभी कई दसक बीत सकते हैं। एक तरफ भारत, देश के .....
आगे पढ़ें ...10. यूक्लिड : रेखागणित के पितामह
[ मार्च 2015 | नसरीन बानो द्वारा लिखित ]
विज्ञान में रेखागणित का महत्वपूर्ण योगदान है। इस दुनिया में सबसे पहले रेखागणित में शोधकार्य करने वाले महान वैज्ञानिक यूक्लिड ही थे। यूक्लिड को रेखागणित का पितामह कहा जाता है। मुद्रण कला विकसित होने के पूर्व ही यूक्लिड के रेखागणित की किताबों की लाखों प्रतियाँ बिक चुकी .....
आगे पढ़ें ...11. तेजस - स्वदेशी युद्धक लड़ाकू विमान
[ फरवरी 2015 | मोहम्मद इमरान खान द्वारा लिखित ]
विज्ञान की उन्नति ने मानवजाति के हर क्षेत्र पर अपना प्रभाव डाला है | स्वास्थ्य हो, शिक्षा हो या फिर रक्षा क्षेत्र | विज्ञान की खोजों ने आमूलचूल परिवर्तन कर दिया है और परिवर्तन की यह प्रक्रिया अनवरत रूप से चल रही है | रक्षा क्षेत्र में भारत में इस प्रक्रिया का नतीजा है 17 जनवरी 2015 को .....
आगे पढ़ें ...12. बच्चों पर हमला ... मतलब फूलों पर बारूद की तह बिछाना ...
[ जनवरी 2015 | कल्याणी कबीर द्वारा लिखित ]
कहीं पढ़ा था '' एक विद्यालय का खुलना सौ जेलों को बंद करने के सामान होता है ...'' पर जिस दौर में विद्यालयों पर ही आतंकी हमले होने लगे वहाँ तो ऐसा लगता है कि हर कोई ही अपराधी है , कलंकित है और जेल में भेज दिए जाने लायक है . इतनी वीभत्स घटना होने के बाद भी हम और हमारी संवेदनाएँ अगर सरहदों और .....
आगे पढ़ें ...13. भारत में परमाणु भट्टी के जनक:- डॉ. राजा रमन्ना
[ जनवरी 2015 | नसरीन बानो द्वारा लिखित ]
डॉ. राजा रमन्ना बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे। डॉ. राजा रमन्ना के कुशल नेतृत्व ने भारत को परमाणु बम दिया। डॉ. राजा रमन्ना की सन 1965 से 1968 के दौरान परमाणु विखंडन पर दी गई वैज्ञानिक दृष्टि से भारत अल्प समय में ही विश्व के परमाणु मानचित्र पर छा गया। डॉ. राजा रमन्ना ने अपनी वैज्ञानिक .....
आगे पढ़ें ...14. ऊर्जा संरक्षण
[ दिसम्बर 2014 | मोहम्मद इमरान खान द्वारा लिखित ]
ऊर्जा संरक्षण के महत्त्व को ध्यान में रखते हुए, हर वर्ष 14 दिसम्बर को 'ऊर्जा बचत दिवस' मनाया जाता है। इस दिन लोगों को ऊर्जा संरक्षण की दिशा में जागरूक बनाने का काम किया जाता है। जागरूकता तभी संभव है जब हम यह जान लें कि ऊर्जा संरक्षण है क्या? यह हमारे लिए कितना महत्वपूर्ण है? .....
आगे पढ़ें ...15. महान गणितज्ञ फिबोनकी
[ दिसम्बर 2014 | नसरीन बानो द्वारा लिखित ]
दुनिया के महानतम् गणितज्ञों में से एक लियोनार्डो फिबोनकी इटली के रहने वाले थे। उनका जन्म 1175 ई. में हुआ था। यद्यपि आज फिबोनकी मुख्य रूप से फिबोनकी क्रम के कारण ही अधिक प्रसिद्ध हैं, पर उन्होंने गणित की अन्य शाखाओं पर भी महत्वपूर्ण कार्य किया है। उन्होंने पाई (π) का मान 3.1410 और 3.1427 .....
आगे पढ़ें ...16. मध्यप्रदेश का स्थापना दिवस
[ नवम्बर 2014 | अनिल कुमार पारा द्वारा लिखित ]
राष्ट्रध्वज को मेरा नमन, आप सभी का में हृदय से स्वागत करता हूं। और ये पंक्तियां आपके साथ बांटना चाहूगां। यह तो एक पड़ाव है,हमें आगे बढ़ते जाना है झरनों से संतोष नहीं करना, पूरा सागर पाना है छोटे शहरों के छोटे उत्सव, अब हमारी मंजिल नहीं सूरज की किरणों की तरह, हमको दुनिया पर छा जाना .....
आगे पढ़ें ...17. माता-पिता के प्रति बदलता नजरिया !
[ नवम्बर 2014 | अनिल कुमार पारा द्वारा लिखित ]
जिसके ऑचल की छॉव में बचपन के दिनों का सूरज रोज निकलकर शाम डलते ही डूब जाता था, गमों के साये भी आसपास भटकने की हिम्मत नहीं जुटा पाते थे, तेज धूप की तपन भी ऑचल की छॉव के सामने टिक नहीं पाती थी, भूख से बेहाल बचपन माँ के दूध से खिलखिला जाता था, माँ की भूख और माँ के गमों से अनजान बचपन बस माँ की ममता और माँ के दुलार से ही .....
आगे पढ़ें ...18. स्वचालित कार का भविष्य
[ नवम्बर 2014 | मोहम्मद इमरान खान द्वारा लिखित ]
मानव सभ्यता को नया आयाम देने में विज्ञान ने बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है | इन खोजों में आग, पहिया व विद्युत् का बहुत बड़ा योगदान है | पहिये की खोज ने इन्सान के आवागमन को बहुत तेज व आरादायक बना दिया है बल्कि अगर यूं कहे कि पहिये के माध्यम से व्यक्ति दूसरे जीव-जंतुओं या ऊर्जा श्रोतों का प्रयोग कर अपनी स्वयं .....
आगे पढ़ें ...19. भगदड़ का बवन्डर ?
[ अक्टूबर 2014 | अनिल कुमार पारा द्वारा लिखित ]
25 अगस्त 2014 समय सुबह 6 बजे वही समय जब श्रृद्धालु सतना जिले में स्थित चित्रकूट के कामतानाथ स्वामी के मंदिर सहित कामदगिरी पर्वत परिक्रमा में बढ़चढ़कर भाग ले रहे थे, किसी ने यह नहीं सोचा था कि उनकी यह परिक्रमा आखिरी परिक्रमा होगी। और उनकी जिदंगी के सांसें चंद मिनटों में समाप्त हो जायेंगी। बस बचेगी तो .....
आगे पढ़ें ...20. मानवीयता खोता इंसान
[ अक्टूबर 2014 | अनिल कुमार पारा द्वारा लिखित ]
दोस्तों देश में जिस तरह से साप्रदायिक दंगों ने मानवता का स्वाद बदल कर रख दिया और उसकी भयाभय तस्वीर आम लोंगों के लिए छोड दी है, उससे तो यही लगता है, कि इस देश में एक दूसरे के धर्म की दुश्मनी की आड अपने स्वार्थ के लिए आम जनता को बलि का बकरा बनाया जा रहा है, उत्तरप्रदेश के मुजफ्फरनगर दंगें हो या .....
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