विविध

विविध लेख


1. ज्ञान के क्षेत्र के 10 शब्द

[ जून-जुलाई 2015 संयुक्त अंक | लक्ष्मी जैन द्वारा लिखित ]
( Ten words about spheres of knowledge ) Anthropology-  मनुष्य के स्वभाव , इतिहास और सभ्यता का अध्ययन | Archaeology- प्राचीन वस्तुओं का अध्ययन –पुरातत्व | Astrology-  तारों और नक्षत्रों का अध्ययन | -व्यावहारिक गणित ज्योतिष Etymology-  शब्द –व्युत्पत्ति के अभ्यास का अध्ययन –भाषा विज्ञानं | Entomology- कीट –पतंगो का अध्ययन –कीट .....
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2. अदभुत् मछलियाँ

[ जून-जुलाई 2015 संयुक्त अंक | संपादक द्वारा लिखित ]
यहाँ हम आपको कुछ ऐसी मछलियों के बारे में बताने जा रहे हैं, जो सामान्य मछलियों से किसी न किसी रूप में भिन्न हैं, जैसे ―   मछली जो तैर नहीं सकती    फिसैलिया नाम की एक जैली फिश है, जो पानी में तैर नहीं सकती है। यह मछली पानी पर बहती रहती है। इसका शरीर खोखला और जैली की तरह नरम होता है। इसके पेट से धागे .....
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3. मन की 10 असाधारण स्थितियां

[ मई 2015 | लक्ष्मी जैन द्वारा लिखित ]
(Ten abnormal conditions of mind )     Alexia- पढने में असमर्थता |     Amnesia –स्मृति का नाश |     Aphasia- बोलने की शक्ति का नाश |     Dementia –मनोविज्ञान में मनोदशा का बिगड़ जाना |     Dipsomania –मद्यपान करने की प्रबल एवं अदम्य इच्छा का उत्पन्न होना |     Hypochondria- किसी के स्वास्थ्य के बारें में भय, चिंता .....
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4. स्फूर्तिदायक फालसा

[ मई 2015 | संपादक द्वारा लिखित ]
      फालसा स्वाद में खटमिट्ठा और छोटे बेर-जैसा फल है। इसका रंग जामुनी-बैंगनी रंग का होता है। फालसे का रस स्वादिष्ट पेय है। इसके फल छोटे-छोटे व गोल-गोल होते हैं, जो पकने पर पहले गुलाबी-लाल, काले हो जाते हैं। इसका पौधा झाड़ीनुमा होता है। मई-जून  के महीनों में इसके पकने का समय होता है।        फालसा .....
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5. समायोजन की महत्ता

[ अप्रैल 2015 | मोहम्मद इमरान खान द्वारा लिखित ]
समायोजन की परिभाषा: मानव एक सामाजिक प्राणी है| समाज में रहता है, सामाजिक परम्पराओं का पालन करता है, एक दूसरे का सहयोग करता है| शायद सामाजिकता का यहीं गुण है जिसने मानव को तेजी से तरक्की करने में बड़ी मदद की| और मेरी नजर में सामाजिकता जो सीखता है उसका एक महत्त्वपूर्ण भाग है समायोजन करना| .....
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6. मक्खियों का जीवन चक्र

[ मार्च 2015 | संपादक द्वारा लिखित ]
मक्खी एक बिन बुलाई मेहमान है। जून महीने में जब बरसात की शुरुआत होती है तब मक्खी हमारे घरों और उसके आसपास दिखाई देने लगती है। मक्खी का जीवन चक्र चार अवस्थाओं, अंडा, लार्वा, प्यूपा और व्यस्क से होकर गुजरता है। एक वयस्क मक्खी एक बार में लगभग 500 अंडे देती है। पर्याप्त नमी और गर्म .....
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7. इन्द्रधनुष

[ फरवरी 2015 | संपादक द्वारा लिखित ]
वर्षा के समय या वर्षा के बाद यदि प्रेक्षक की पीठ सूर्य की ओर हो, तो कभी-कभी सूर्य की विपरीत दिशा में चाप (Arc) के भांति सौर-स्पेक्ट्रम दिखाई देता है, इसे इन्द्रधनुष कहते हैं। कभी-कभी दो इन्द्रधनुष दिखाई देते हैं ― (1) प्राथमिक इन्द्रधनुष और (2) द्वितीयक इन्द्रधनुष। प्राथमिक .....
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8. कोयला तथा शैल मिट्टी से पेट्रोल बनाना

[ जनवरी 2015 | संपादक द्वारा लिखित ]
आप तो यह जानते ही होंगे कि पेट्रोल पृथ्वी की बहुत गहराई में होता है। जो मुख्यतः समुद्र की गहराई से प्राप्त होता है, जिसे तेल का कुआँ कहते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि मिट्टी से भी तेल निकाला जा सकता है। जी हाँ, शैल मिट्टी से भी निकलता है पेट्रोल।शैल एक प्रकार की मिट्टी है। .....
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9. देश के वीरों को दिए जाने वाले वीरता पुरस्कार

[ दिसम्बर 2014 | संपादक द्वारा लिखित ]
दुश्मनों से देश की रक्षा करना वीरों का काम है। हमारे सैनिक देश की रक्षा के लिए अपने कर्त्तव्य को बहुत बहादुरी से निभाते हैं। इसी बहादुरी के लिए उन्हें विभिन्न वीरता पुरस्कारों से सम्मानित किया जाता है। यहाँ हम आपको देश के उन वीरों को दिए जानेवाले वीरता पुरस्कारों के .....
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10. योगासन

[ नवम्बर 2014 | संपादक द्वारा लिखित ]
योग शब्द 'यूज' धातु से बना, जिसका अर्थ होता है जोड़ना। जीवात्मा का परमात्मा से मिल जाना, एक हो जाना, एक हो जाना ही योग है।       योगाचार्य महर्षि पतंजली ने सम्पूर्ण योग के रहस्य को अपने योगदर्शन में सूत्रों के रूप में उपदेश दिया है:- चित्त को एक जगह स्थापित करना‘योग’ है। योगासन .....
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11. बिना मिटटी के पेड़-पौधे

[ अक्टूबर 2014 | संपादक द्वारा लिखित ]
क्या आप यह कल्पना कर सकते हैं कि बिना मिट्टी के पेड़-पौधों को उगाया जा सकते हैं? परन्तु वास्तव में अब यह संभव है। जीव विज्ञान के वैज्ञानिकों ने हाइड्रोपोनिक विधि द्वारा बिना मिट्टी के पौधे उगाए जाने की विधि का विकास किया है। हाइड्रोपोनिक का अर्थ है किसी .....
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12. टेस्ट-ट्यूब में फसल

[ सितम्बर 2014 | संपादक द्वारा लिखित ]
      ‘टेस्ट ट्यूब’ फसल उगाने का प्रयत्न लगभग 25 वर्षो से चल रहा है। परन्तु भारतीय तथा विदेशी वैज्ञानिक इस पद्धति में पूर्ण सफलता अभी हाल ही में पा सके हैं। इस पद्धति को ‘ऊतक’ संवर्धन (टिश्यू कल्वर) के नाम से जाना जाता है। इसमें पौधे के किसी ऊतक को उचित .....
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13. आयोडीन

[ अगस्त 2014 | संपादक द्वारा लिखित ]
मनुष्य को स्वस्थ रहने के लिए आयोडीन बहुत जरुरी है। जो उसे प्रकृति से उपयुक्त मात्रा में मिलती रहती है। लेकिन अब पर्यावरण असंतुलन के कारण वातावरण में आयोडीन की कमी हो गई है जिसके कारण तरह-तरह की बीमारियाँ हो जाती है।      आयोडीन मिट्टी की निचली सतह में आयोडाइड के रूप में .....
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14. एलोवेरा

[ जुलाई 2014 | संपादक द्वारा लिखित ]
यह एक अचूक औषधि से भी बढ़ कर काम करती है। इसे घी क्वार, क्वार गन्दल, ग्वारपाठा, धृत कुमारी, मुसव्वर, केतकी व अन्य कई नामों से जाना जाता है। यह एक ऐसा पौधा है जो लगभग पुरे संसार में पाया जाता है। संसार में जितने भी धर्मग्रंथ हैं लगभग सभी में इसका सम्मानपूर्वक उल्लेख है। हमारे .....
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15. फलों का राजा : आम

[ जून 2014 | संपादक द्वारा लिखित ]
    आम के पके फलों में विटामिन-ए की मात्रा बड़ी प्रचुर होती है। इसके अलावा प्रति 100 ग्राम  गुदे में विटामिन बी -1 (थाएमिन) 40 मिलीग्राम,  विटामिन बी-2 (राइबोफ़्लैविन) 50 और विटामिन सी-3 तथा नियासिन (निकोटिनिक एसिड) 0.3 मिलीग्राम विद्यमान होते हैं। इसमें ऊष्मा-शक्ति 50 कैलोरी प्रति 100 ग्राम होती है। आम के फल में खनिज .....
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16. ईसबगोल – एक औषधीय पौधा

[ मई 2014 | संपादक द्वारा लिखित ]
धरती पर अनेक प्रकार के पेड़-पौधे पाये जाते हैं। सबमें कुछ न कुछ विशेषताएँ अवश्य पायी जाती हैं। उन्हीं पौधों में ऐसे कई औषधीय पौधे होते है, जो हमारे शरीर को अनेक रोगों से बचाते हैं, जिनमें से एक नाम 'ईसबगोल' का है। इसका वानस्पतिक नाम प्लान्टेगो ओवेटा है। यह .....
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17. आयुर्वेद चिकित्सा

[ अप्रैल 2014 | संपादक द्वारा लिखित ]
   आयुर्वेदिक पद्धति से चिकित्सा करते समय कुछ खास बातों पर ध्यान दिया जाता है तथा इस चिकित्सा प्रणाली में हमें कुछ विशेष सुविधाएँ भी प्राप्त है।     आयुर्वेद एक सम्पूर्ण व्यक्तित्व की चिकित्सा मानी जाती है। इस पद्धति के अनुसार चिकित्सा करते हुए वैध केवल रोगग्रस्त अंग अथवा केवल रोग के लक्षणों .....
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